साइकिल बनाने वाली कंपनी भारत में लगाएगी देश का पहला विशाल विंड फार्म

भारत को तमिलनाडु के थूथुकुडी में अपना पहला 6.25 MW का ऑफशोर विंड फार्म प्रोटोटाइप मिलने वाला है। यह ₹77 करोड़ का प्रोजेक्ट ऑफशोर विंड डेवलपमेंट की तकनीकी और लॉजिस्टिकल चुनौतियों से निपटने में अनुभव प्रदान करेगा।

साइकिल बनाने वाली एक बड़ी कंपनी अब पैडल की जगह प्रोपेलर (पंखे) पर ध्यान दे रही है और अपने पारंपरिक काम से हटकर भारत के पहले बड़े ऑफशोर विंड फार्म (समुद्र में हवा से बिजली बनाने वाले प्लांट) की शुरुआत कर रही है। दशकों से तमिलनाडु, देश में जमीन पर हवा से बिजली बनाने (ऑनशोर विंड एनर्जी) का मुख्य केंद्र रहा है, जहां के मैदानों और पहाड़ी रास्तों पर टर्बाइन लगे हुए हैं। अब, साइकिल बनाने वाली यह कंपनी इस रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) की विरासत को एक नई और साहसी दिशा में ले जा रही है, जिसका मकसद सीधे समुद्र से बिजली पैदा करना है।

बिजनेसलाइन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का यह बड़ा समुद्री प्रोजेक्ट थूथुकुडी के तटीय इलाकों में शुरू हो रहा है। शुरुआती चरण में ₹77 करोड़ की लागत से एक प्रोटोटाइप तैयार किया गया है, जिसमें 6.25-MW का टर्बाइन शामिल है। इसे इनर हार्बर के दक्षिणी ब्रेकवाटर से लगभग 1,650 मीटर दूर लगाया गया है। एक बार चालू होने के बाद, समुद्री हवाओं से बनी बिजली को TANGEDCO और TANTRANSCO के नियमों के अनुसार सीधे राज्य के ग्रिड में भेजा जाएगा।