मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा को ‘ड्रोन कैपिटल’ बनाने के लिए ड्रोन निर्माण और तकनीक से जुड़े अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को ‘ड्रोन कैपिटल’ बनाने की दिशा में ड्रोन निर्माण और तकनीक से जुड़े अनुसंधान पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में ड्रोन की बढ़ती मांग और विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते उपयोग को देखते हुए हरियाणा में इस क्षेत्र की संभावनाओं को तलाशा जाए। ड्रोन निर्माण से जुड़े स्टार्टअप, तकनीकी शिक्षा और युवाओं को प्रोत्साहित करने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में विभागों की ‘श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों’ की समीक्षा बैठक में एचएसआइआइडीसी की प्रस्तुति के दौरान अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने, उद्योगों को प्लग एंड प्ले सुविधाएं देने और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के निर्देश दिए।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने बैठक में बताया कि मानेसर, बावल, रोहतक, सोहना, फरीदाबाद और खरखौदा में छह प्रमुख औद्योगिक माडल टाउनशिप (आइएमटी) विकसित की गई हैं। इनमें उद्योगों के लिए भूखंडों के साथ सड़क, बिजली, पानी, आवास, अस्पताल, गोदाम, स्टार्टअप एवं नवाचार केंद्र और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आइएमटी की बढ़ती मांग को देखते हुए खरखौदा, कोसली, बावल, सोहना और फरीदाबाद-पलवल आइएमटी के विस्तार की योजना है। इसके अलावा नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई समेत 10 नई आइएमटी विकसित की जाएंगी। प्रत्येक आइएमटी में सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना है।