पढ़ाई में कमजोर होने पर स्कूल ने निकाला

Sports (Rashtra Pratham) :- विभाजन के बाद बिहार में क्रिकेट  के बदतर होते हालात के बीच जब सात साल की आयु में इशान किशन  ने मैदान की ओर से कदम बढ़ाया तो किसी ने सोचा नही था वह एक दिन शिखर पर पहुंचेगा। मां सुचित्रा सिंह  क्रिकेट के खिलाफ थीं, क्योंकि इशान पढ़ाई से दूर हो रहे थे। कम लोग हीं जानते होंगे कि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण इशान को स्कूल से निकाल दिया गया था। पढ़ाई के लिए इशान को मां से बराबर डांट मिलती थी। मां चाहतीं थीं कि इशान क्रिकेट के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दें। ऐसे में इशान को पिता प्रणव पांडेय व बड़े भाई राज तथा स्कूटी से मैदान तक पहुंचाने वाले कोच संतोष कुमार का साथ मिला।

इसके बाद इशान 2011 में झारखंड गए और वहां से उन्‍होंने टी-20 विश्व कप टीम तक का सफर तय किया है। मां सुचित्रा सिंह को अब अपने बेटे पर गर्व है।इशान के बचपन के कोच संतोष कुमार कहते हैं कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ इशान शुरू से ही बेखौफ होकर खेलते थे। उम्मीद है कि टी-20 विश्व कप में वे अपना आक्रामक रवैया जारी रखेंगे। हालांकि, यूएई में मैच होने से स्पिनर वहां चलेंगे और उनसे इशान को सतर्क रहना होगा।पटना में अपने आवास पर बेटे की उपलब्धि पर परिवार व आस-पड़ोस के लोगों के साथ जश्न मना रहीं मां सुचित्रा ने कहा कि इशान के पास छठ मइया का आशीर्वाद है।

मैं स्वयं छठ व्रत करती हूं। मां ने कहा, ‘अपनी मेहनत और छठ मइया के आशीर्वाद से वह अंडर-19 विश्व कप टीम का कप्तान बना। अब छठ मइया उसे सीनियर विश्व कप में भी कामयाब बनाएंगी।’ पिता प्रणव पांडेय को उम्मीद है कि इशान भारतीय टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। प्रणव ने बताया कि आइपीएल के दौरान दुबई में इशान ने खूब रन बनाए थे। बोले, ’19 सितंबर से दुबई में ही शुरू हो रहे आइपीएल के मुकाबले में उसे मैच अभ्यास मिलेगा, जिसका फायदा उसे विश्व कप में होगा।’