इस माह श्रीमद्भागवत को देखने भर से प्राप्त हो जाता है पुण्य

धर्म/अध्यात्म (Rashtra Pratham): हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का नौवां माह अगहन या मार्गशीर्ष कहलाता है। इस माह भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अनेक स्वरूप में की जाती है। इस माह का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है। सतयुग में देवों ने मार्गशीर्ष मास की प्रथम तिथि को ही वर्ष प्रारंभ किया। इसी मास में महर्षि कश्यप ने कश्मीर प्रदेश की रचना की। इस माह दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस माह गायत्री मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

इस माह गंगा स्नान का विशेष महत्व माना गया है। इस माह भगवान सत्यनारायण की पूजा का प्रावधान है। मान्यता है कि इस मास श्रीमद्भागवत को देखने भर से ही पुण्य की प्राप्ति हो जाती है। मान्यता है कि इस माह भगवान श्री हरि विष्णु से सच्चे मन से मन्नत मांगी जाए तो वह अवश्य पूर्ण होती है।

इस माह को जप, तप और योग के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस माह के गुरुवार को मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के दिन भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ।