धर्म/अध्यात्म (Rashtra Pratham) :- हिंदू धर्म में गणेश जी को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि गणेश भगवान (Bhagwan Ganesh) की अगर सच्चे दिल से पूजा-अर्चना की जाए तो वे भक्तों के सारे दुख-दर्द और विघ्न दूर कर देते हैं. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजा (Ganesh Puja) के साथ ही होती है. बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है. अगर इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाए, तो भगवान गणेश जल्दी प्रसन्न होते हैं. ज्योतिषशास्त्र में गणपति को प्रसन्न करने के लिए कई गणेश मंत्र बताए गए हैं, जिनको अगर बुधवार के दिन जाप किया जाए तो अधिक लाभकारी होते हैं.
इन मंत्रों के जाप से गणेश जी की विशेष कृपा होती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. आइए डालते हैं एक नजर गणेश जी को प्रसन्न करने के मंत्रों पर.
तांत्रिक गणेश मंत्र
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
ज्योतिषशास्त्र में उल्लेख है कि बुधवार की सुबह भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा के बाद इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए. इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन के सभी दुख खत्म हो जाते हैं. इस मंत्र का जाप करते समय ध्यान रखें कि व्यक्ति को पूर्ण सात्विकता रखनी होती है. साथ ही, व्यक्ति ध्यान रखे कि वे मांस, मदिरा और क्रोध से दूर रहे.
गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
इस मंत्र का जाप अगर बुधवार के दिन किया जाए तो व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. गणेश जी के इस मंत्र का जाप भी 108 बार किया जाता है. इन मंत्रों के जाप से गणपति जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी कृपा बनी रहती है. अगर 11 दिन तक गणेश गायत्री मंत्र का जाप किया जाए, तो व्यक्ति का भाग्योदय होता है. इतना ही नहीं, इसके जाप से पूर्व पापों का फल समाप्त हो जाता है.
ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
बुधवार के दिन अगर व्यक्ति गणेश कुबेर मंत्र का जाप करता है तो आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन के नए स्तोत्र भी बनते हैं.