भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त

धर्म/अध्यात्म (Rashtra  Pratham)  माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाते हैं। इस साल यह व्रत आज यानी 4 फरवरी 2021 (गुरुवार) को है। कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान भैरव की कालाष्टमी के दिन पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति भयमुक्त होता है। व्यक्ति के जीवन से संकट दूर होते हैं। मान्यता है कि व्यक्ति काल भैरव की पूजा करने से निरोगी होता है। शास्त्रों के अनुसार हिंदू धर्म में आठ भैरव माने गए हैं – 1.असितांग भैरव, 2. रुद्र भैरव, 3. चंद्र भैरव, 4. क्रोध भैरव, 5. उन्मत्त भैरव, 6. कपाली भैरव, 7. भीषण भैरव और 8. संहार भैरव।

4 फरवरी 2021, दिन गुरूवार को अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जा रहा है।
अष्टमी तिथि का आरंभ: 4 फरवरी 2021 दिन गुरूवार रात 12 बजकर 7 मिनट से।
अष्टमी तिथि का समापन: 5 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार रात 10 बजकर 7 मिनट तक