होलिका दहन के समय इन कथाओं को पढ़ने से मनोकामना पूरी होने की है मान्यता

 धर्म/अध्यात्म (Rashtra Partham)  किसी भी त्योहार में पूजा-पाठ के साथ कथा का भी विशेष महत्व होता है। होलिका दहन के समय भी कथा करने का विधान है। मान्यता है कि होलिका दहन के दौरान कथा पढ़ने या सुनने से सुख-समृद्धि आती है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। कहा जाता है कि होली पर पीली सरसों के जरिए मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है। इसके लिए होलिका दहन पर पीली सरसों से हवन करें। ऐसा कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन संपत्ति और भंडारे भरती हैं।एक पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान के अनन्य भक्त थे। उनकी इस भक्ति से पिता हिरण्यकश्यप नाखुश थे। इसी बात को लेकर उन्होंने अपने पुत्र को भगवान की भक्ति से हटाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भक्त प्रह्लाद प्रभु की भक्ति को नहीं छोड़ पाए। अंत में हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को मारने के लिए योजना बनाई। अपनी बहन होलिका की गोद में प्रह्लाद को बैठाकर अग्नि के हवाले कर दिया। लेकिन भगवान की ऐसी कृपा हुई कि होलिका जलकर भस्म हो गई और भक्त प्रह्लाद आग से सुरक्षित बाहर निकल आए, तभी से होली पर्व को मनाने की प्रथा शुरू हुई।