शारदीय नवरात्रि में पूजन की सफलता और मनवांछित फल के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान

शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से शुरू होती है. यह 9 दिनों तक अर्थात नवमी तिथि को समाप्त होती है. नवरात्रि में मां दुर्गा के नव स्वरूपों की पूजा 9 दिनों में की जाती है. नवरात्रि में लोग पूरे नव दिन उपवास रखकर माता रानी की पूजा करते हैं. नवरात्रि व्रत के पूजन में कुछ विशिष्ट नियमों का पालन करना होता है. इनके पालन करने से व्रती पर माता रानी की कृपा बरसती है. मान्यता है कि माता रानी की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. उनके सारे कष्ट कट जाते हैं.

शारदीय नवरात्रि 2021 में इन नियमों का करने पालन

  • नवरात्रि व्रत में साफ-सफाई का विशेष महत्व है. पूजन से पहले पूजा स्थल और घर की सफाई कर लें उसके बाद स्नान आदि करके पूजा करें.
  • नवरात्रि में मांसहारी भोजन वर्जित होता है. अर्थात मांस, मदिरा, गुटखा, पान मसाला आदि का सेवन भूलकर भी न करें.
  • नवरात्रि व्रत में व्रती को पूरी तरह से सात्विक विचार और आचरण रखना चाहिए. खान-पान और आचार व्यवहार और विहार में पूरी तरह से सात्विकता का पालन करना चाहिए.
  • नवरात्रि के नौ दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस काल में संसर्ग या संसर्ग के विचार भी मन में नहीं लाना चाहिए.
  • नवरात्रि व्रत में कन्या पूजन का विधान है. इस दौरान किसी भी महिला के प्रति गंदे विचार नहीं लाना चाहिए. ना ही किसी महिला का अपमान करना चाहिए.
  • नवरात्रि व्रत में दिन के समय सोना वर्जित है. अगर रात्रि में मां का जागरण किया हो तो आराम कर सकते हैं.
  • नवरात्रि के नौ दिन दाढ़ी, बाल और नाखून बिलकुल नहीं कटवाने चाहिए.
  • नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रती को अपनी वाणी को संयमित रखना चाहिए.
  • नवरात्रि व्रत में किसी को भी गाली या अपशब्द न कहें. संभव हो तो नवरात्रि में मौन व्रत भी रख सकते हैं.