बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर विवाद: 6 पोतियों ने DM को पत्र लिख की ये मांग

फिरोजाबाद के टूंडला के अकबरपुर स्थित बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पैतृक मकान को श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट से मुक्त कराने के लिए उनके छोटे बेटे की छह बेटियों (पोतियों) ने प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाई है।

बाबा नीब करोरी (मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा) और उनकी पत्नी राम बेटी शर्मा के दो बेटे अनेक सिंह शर्मा व धर्म नारायण शर्मा थे। एक बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं। छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा का कोई पुत्र नहीं है, उनकी छह बेटियां सुनीता शर्मा (वृंदावन), अर्चना शर्मा (दिल्ली), वंदना शर्मा (मथुरा), भावना रावत (मुंबई), रितु तिवारी (दिल्ली) और रिचा रावत (गुरुग्राम) हैं।

ये सभी बहनें बीते 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि मनाने अकबरपुर आई थीं। इसी दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसे 21 अगस्त को विधिवत पत्रवाहक के जरिए दर्ज कराया गया।

जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में बहनों ने आरोप लगाया है कि अकबरपुर स्थित ग्राम पंचायत नगला के निजी मकान संख्या 154-व में बाबा नीम करोरी का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष बना हुआ है, जिस पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट काबिज है।

सोमवार को भावना रावत के पति मनोज रावत मुंबई से फिरोजाबाद पहुंचे और उन्होंने डीएम से मुलाकात कर बताया कि श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट में संजय गुप्ता ट्रस्टी थे और उनके ससुर धर्म नारायण शर्मा की सेवा करते थे। ससुर के निधन के बाद उन्होंने ट्रस्ट पर अपना एकाधिकार स्थापित कर बाबा नीब करोरी के पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई करने, पैतृक संपत्ति वापस दिलाने और मकान को मुक्त कराने की मांग की।