जितिया व्रत संतान की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है, जिसमें भगवान जीमूतवाहन की पूजा का विधान है। इस दिन बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए सरसों के तेल, राई, नमक और मिर्च से नजर उतारने की पारंपरिक विधि का विशेष महत्व माना जाता है।
जितिया व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करने के लिए रखा जाता है। इस दिन भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। कई महिलाएं जितिया व्रत से जुड़ी कुछ पारंपरिक रस्में भी निभाती हैं। इन्हीं में से एक है बच्चों की नजर उतारना। मान्यता है कि सरसों के तेल, काली राई, नमक और लाल मिर्च से नजर उतारने से बच्चे को बुरी नजर से बचाने की कामना की जाती है।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, ‘जितिया व्रत का संबंध संतान की सुरक्षा और दीर्घायु की कामना से जुड़ा है। इसलिए इस दिन बच्चे की नजर उतारने और सरसों के तेल का टीका लगाने की परंपरा कुछ घरों में आज भी निभाई जाती है।’