एडेनियम से बनाए गणेश जी, हवन सामग्री से बनी है यह प्रतिमा

गणेश चतुर्थी के साथ ही ताजनगरी में गणेश उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। घरों व मंदिरों में गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। शहर में गणेश जी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नजर आ रहे हैं। शहजादी मंडी निवासी संदीप अग्रवाल ने एडेनियम के पौधे को गणेश जी का स्वरूप दिया है। कमला नगर-बल्केश्वर के राजा की मूर्ति भी ईको फ्रेंडली है। इसे हवन सामग्री से बनाया गया है।सदर बाजार के शहजादी मंडी निवासी संदीप अग्रवाल इंडिया राइजिंग से जुड़े हुए हैं। उन्होंने घर में लगे एडेनियम के पौधे को ही गणेश जी का स्वरूप देकर विराजमान किया है। संदीप अग्रवाल ने बताया कि दो-तीन वर्ष पूर्व वो नर्सरी गए थे। वहां एडेनियम का पौधा पसंद आने पर वो उसे घर ले आए। इस बार गणेश चतुर्थी से पूर्व पौधे को देखने के बाद उन्हें विचार आया कि क्यों न पौधे को ही गणेश जी का स्वरूप प्रदान किया जाए। पौधे की एक डाल गणेश जी की सूंड़ की तरह नजर आ रही थी। उन्होंने पौधे को ही गणेश जी का स्वरूप प्रदान करने को उसे वस्त्र धारण कराए। ब्रज क्षेत्र में होने से उन्होंने पौधे को मोर मुकुट धारण कराया और उसके हाथों में बांसुरी भी पकड़ाई। पौधे को उन्होंने गणेश चतुर्थी पर घर में विराजमान किया। संदीप अग्रवाल ने बताया कि एडेनियम के पौधे से बने गणेश जी पूरी तरह से ईको फ्रेंडली हैं। लोग गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर आफ पेरिस व खड़िया से बनी गणेश जी की प्रतिमाएं लाकर घर में विराजमान कर देते हैं। बाद में जब उसे विसर्जित करते हैं तो वो नदियों को प्रदूषित करती हैं। लोगों को मिट्टी की प्रतिमाएं लाकर उनकी स्थापना घरों में करनी चाहिए। घर में ही उनका विसर्जन करना चाहिए।