चीन को मिलेगा कड़ा जवाब

हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य से निपटने और क्षमता में वृद्धि के लिए अगले हफ्ते एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर पोत ‘विशाखापत्तनम’ और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी ‘वेला’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल सतीश नामदेव घोरमडे ने कहा कि युद्धपोत ‘विशाखापत्तनम’ को 21 नवंबर को बल में शामिल किया जाएगा, जबकि पनडुब्बी ‘वेला’ को 25 नवंबर को शामिल किया जाएगा। भारतीय नौसेना को सबसे बड़ा डिस्ट्रायर मिलेगा जो स्वदेश में तैयार किया गया है। इसे नौसेना ने ही डिजाइन किया है और मझगांव डाकयार्ड में बनाया गया है। विशाखापट्टनम प्रोजेक्ट 15बी का पहला युद्धपोत है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल चार स्वदेशी युद्धपोत बनने हैं। भारतीय नौसेना को इस क्लास का दूसरा युद्धपोत अगले साल, तीसरा 2024 और चौथा युद्धपोत 2025 में मिलेगा। इससे भारतीय नौसेना की मारक क्षमता काफी बढ़ जाएगी।