स्वदेशी का संदेश दे रही संगम नगरी की मिठाई

संगम नगरी की खानपान की कई चीजें देश-दुनिया में मशहूर हैं। यहां की बनी मिठाइयां स्वदेशी और योग का संदेश (मैसेज) भी दे रही हैं। मिठाइयों पर ‘करो योग, रहो निरोग’ और ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’ का संदेश लिखकर बेचा जा रहा है। मिठाई विक्रेता द्वारा इन संदेशों को अंकित करने का मकसद लोगों की सेहत को सुधारने में मदद करने के साथ स्वदेशी को बढ़ावा देना भी है।प्रयागराज शहर के बलुआघाट चौराहे पर ‘मुंडा मिष्ठान भंडार’ है। इसके प्रोपराइटर बलुआघाट के रहने वाले रविशंकर यादव हैं। दुकान उन्हीं के मार्ग दर्शन में चलती है। दुकान उनके बेटे अमित यादव संभालते हैं। वह बताते हैं कि उनका पूरा परिवार पतंजलि योग संस्थान (हरिद्वार) से जुड़ा है। पिता स्वामी रामदेव को अपना गुरु मानते हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर करीब 15-16 सालों पहले मिठाइयों और थैलों पर यह संदेश लिखाया जाना शुरू किया गया था। तभी से यह प्रकिया लगातार चल रही है।अमित यादव कहते हैं कि उनके परिवार का मकसद सिर्फ व्यापार करना नहीं है बल्कि, लोगों को अपनी सेहत के प्रति सचेत और देश की चीजों के प्रति जागरूक करना है। कहा कि चीन, ताइवान की चीजें हम क्यों खरीदें। इसका विरोध लोगों को खुद करना चाहिए। अपने लोगों, समाज और देश को आगे बढऩे में सभी को मदद करना चाहिए। समोसा और मठरी बेचने वाले रैपर में भी यही मैसेज लिखा रहता है। यह मिठाइयां 400 रुपये किलो हैं।