चीनी करतूतों पर बाइडन ने घेरा तो चिनफिंग बोले

Popular (Rashtra Pratham) :- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन व उनके चीनी समकक्ष शी चिनिफिंग के बीच मंगलवार को हुई पहली वर्चुअल द्विपक्षीय बैठक तीन घंटे 24 मिनट चली और इस दौरान कई बार माहौल गरम-नरम होता रहा। बाइडन ने जहां शिनजियांग, तिब्बत, हांगकांग व ताइवान की करतूतों को लेकर चीन को घेरा, वहीं चिनफिंग ने ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका को चेताते हुए एक-दूसरे का सम्मान करने को कहा।

वार्ता के तात्कालिक परिणाम तो सामने नहीं आए हैं, लेकिन यह दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने का काम कर सकती है। दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया, अफगानिस्तान, ईरान, वैश्विक ऊर्जा बाजार, सैन्य संबंधी मुद्दों, कोविड-19 महामारी तथा अन्य विषयों पर बातचीत की। उनके बीच इससे पहले दो बार टेलीफोन पर वार्ता हो चुकी है।

चीन में मानवाधिकार का मुद्दा

बाइडन ने शिनजियांग, तिब्बत व हांगकांग में मानवाधिकार हनन के साथ-साथ उइगरों के नरसंहार का मुद्दा उठाया। इस पर चिनफिंग ने कहा, ‘चीन आपसी सम्मान के आधार पर मानवाधिकारों पर संवाद के लिए तैयार है, लेकिन हम दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए मानवाधिकारों के इस्तेमाल का विरोध करते हैं।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि अमेरिका मुक्त हिंद-प्रशांत के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्र की संपन्नता और निर्बाध आवागमन के लिए यह बहुत जरूरी है। बता दें कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में चीन दबदबा बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

व्यापारिक प्रतिबद्धता की दिलाई याद 

बाइडन ने चीन को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में हुए समझौते का पालन करने को कहा। इसके तहत चीन 200 अरब डालर की अमेरिकी सामग्री व सेवाओं के आयात के लिए प्रतिबद्ध है।