अमेरिका की विज्ञान प्रतियोगिता में भारतवंशी छात्र अकीलन अव्वल

भारतवंशी अकीलन शंकरन ने अमेरिका में मीडिल स्कूल के छात्रों के लिए आयोजित ब्राडकाम मास्टर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है। उसने एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया है, जिससे साफ्टवेयर या एप की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है। 14 वर्षीय शंकरन को बतौर पुरस्कार 25 हजार डालर (करीब 18.72 लाख रुपये) प्रदान किए जाएंगे। संयोग है कि 10 हजार डालर के दूसरे पुरस्कार के चार में से तीन विजेता भी भारतीय मूल के हैं। प्रतियोगिता के लिए देशभर से चुने गए अंतिम 30 में से 15 प्रतिभागी भारतीय रहे।ब्राडकाम फाउंडेशन के साथ प्रतियोगिता का संचालन करने वाली सोसाइटी फार साइंस (एसएफएस) की प्रेसिडेंट माया अजमेरा ने कहा, ‘प्रतियोगिता के विजेता अद्भुत हैं और दुनिया के सबसे जटिल समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं।’ एसएफएस ने बताया कि अकीलन का कंप्यूटर प्रोग्राम सर्वाधिक विभाज्य संख्या की गणना कर सकता है। सर्वाधिक विभाज्य संख्या (जो विभिन्न अंकों से अधिक बार विभाजित हो सकें) में 1,000 से भी अधिक अंक हो सकते हैं, जिन्हें एंटीप्राइम नंबर भी कहा जाता है। शंकरन खगोल विज्ञानी बनना चाहते हैं।