बिहार की नीतीश सरकार ( के दो मंत्रियों की सदस्यता किसी भी सदन का सदस्य नहीं होने की वजह से चली गयी है। मंत्रिमंडल सचिवालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और सूचना व जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार विधान परिषद के सदस्य थे। दोनों नेताओं की विधान परिषद सदस्य्ता का कार्यकाल छह मई को ही पूरा हो गया था। इस मियाद के बीतने के छह महीने बाद भी वे किसी सदन के सदस्य नहीं बन सके थे। इस कारण उन्हें मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा है।

विदित हो कि भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और सूचना व जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार 2014 में विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे। विधान परिषद की सदस्यता समाप्त होने के बाद छह महीने से अधिक से वे मंत्री बने हुए थे।बिहार कांग्रेस ने चुनाव के ठीक पहले यह मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बीते चार नवंबर को राज्यपाल फागू चौहान से मिल कर दोनों मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी तथा विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि संविधान में प्रावधान है कि मंत्री पद की शपथ लेने वाला कोई भी व्यक्ति 180 दिन तक ही बिना किसी सदन का सदस्य बने मंत्री रह सकता है, लेकिन बिहार में इस नियम को ताक पर रख दिया गया।