राजनीति का मतलब सिर्फ चुनाव जीतना नहीं – सलमान खुर्शीद

सियासत की बातें (Rashtra Pratham): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने शुक्रवार को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के बयान पर पलटवार करते हुये कहा कि राजनीतिक का मतलब केवल चुनाव जीतना भर नहीं है. किशोर ने कहा था कि ‘कांग्रेस का नेतृत्व, किसी व्यक्ति विशेष का दैवीय अधिकार नहीं है.’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए किशोर ने ट्वीट किया था कि कांग्रेस का स्थान अहम है, लेकिन उसका नेतृत्व ‘किसी व्यक्ति का दैवीय अधिकार’ नहीं है, खासकर तब जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90 प्रतिशत चुनाव हार गई हो.

किशोर पर पलटवार करते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘पीके के लिए सबक: देवत्व आस्था का विषय है. लोकतंत्र आस्था का विषय है. अन्य लोग लोकतांत्रिक पसंद के लिए पटकथा नहीं लिख सकते.’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘अगर लोकतांत्रिक विकल्प समझ नहीं आया तो स्कूल वापस जाएं और नए सिरे से शुरुआत करें.’’

प्रशांत किशोर से पहले ममता बनर्जी ने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थेममता बनर्जी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए ये कहा था कि अब कोई यूपीए नहीं बचा हैदरअसलममता बनर्जी आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के खिलाफ तीसरे मोर्च की तैयारियों में जुट गई हैं.

ममता बनर्जी अलगअलग राज्यों में पार्टियों के नेताओं से मिलकर बीजेपी का विकल्प बनने की अपील कर रही हैंहाल ही में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपाके अध्यक्ष शरद पवार के साथ अपनी बहुप्रतीक्षित बैठक मेंसभी विपक्षी दलों के लिए अगले चुनावों में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की रणनीति पर चर्चा की.