PM Modi के आज के हमलों से बेपरवाह विपक्षी नेताओं की बैठक शुरू

एक ओर विपक्ष बेंगलुरु में बैठक कर अगले लोकसभा चुनावों में केंद्र की सत्ता से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए रणनीति बना रहा है तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विपक्ष के इस जुटान पर जोरदार हमला बोल दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नये एकीकृत टर्मिनल का उद्घाटन किया और इस दौरान दिये गये अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी नेताओं के भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को तो उठाया ही साथ ही उनकी परिवारवादी राजनीति पर भी जोरदार निशाना साधा।प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों को एक फ्रेम में देखकर देश की जनता कह रही है कि ये तो कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इनका प्रोडक्ट है 20 लाख करोड़ रुपये के घोटाले की गारंटी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कहीं बाढ़ घोटाला होता है, किसी का अपहरण होता है तो कुनबे के सारे लोग चुप हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में सरेआम हिंसा हुई, लगातार खून-खराबा हो रहा है, इस पर भी इन सबकी बोलती बंद है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गायित कुछ है, हाल कुछ है, लेबल कुछ है, माल कुछ है…24 के लिए 26 होने वाले राजनीतिक दलों पर ये बिल्कुल सटीक बैठता है।

टर्मिनल की खासियत

हम आपको यह भी बता दें कि इस टर्मिनल के बन जाने से अंडमान और निकोबार द्वीप की यात्रा सुगम हो जाएगी और विशेष रूप से इस क्षेत्र में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन के समय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परिसर में वीडी सावरकर की प्रतिमा का अनावरण किया और प्रतिष्ठान का दौरा किया। उनके साथ केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग तथा नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह भी थे। नये टर्मिनल भवन का निर्माण लगभग सात सौ दस करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह टर्मिनल अंडमान और निकोबार के संपर्क को बढावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह टर्मिनल लगभग 40 हजार आठ सौ वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। नये टर्मिनल भवन में सालाना लगभग 50 लाख यात्रियों के प्रबंधन की क्षमता है। इस हवाई अड्डे में एक बार में 10 विमान को पार्किंग की सुविधा मिलेगी।

विपक्ष की बैठक शुरू

दूसरी ओर, विपक्ष के कई दलों के शीर्ष नेता आज बेंगलुरु में औपचारिक रूप से मंत्रणा कर रहे हैं कि कैसे अगले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक साझा कार्यक्रम तैयार किया जाए और एकजुट होकर उसे मात दी जाए। इससे पूर्व बेंगलुरु में विपक्षी दलों के नेताओं ने दो दिवसीय बैठक के पहले दिन सोमवार को रात्रिभोज के मौके पर अनौपचारिक रूप से चर्चा की थी, जहां से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वे 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं। दूसरे दिन की बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेता संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से आगे की रूपरेखा पेश करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दूसरे दिन की बैठक में विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए अपनी रणनीति तैयार करेंगे। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल साझा न्यूनतम कार्यक्रम के आधार पर काम करेंगे और मिलकर आंदोलन करने की योजना की घोषणा करने के साथ ही साझा घोषणापत्र और हर सीट पर भाजपा के खिलाफ विपक्ष का एक उम्मीदवार खड़ा करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। हम आपको यह भी याद दिला दें कि विपक्षी दलों की पिछली बैठक 23 जून को पटना में हुई थी।