कांग्रेस के लिए बिहार से ज्यादा मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण

खबरें देश की (Rashtra Pratham): विवादों में घिरे मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने माफी मांग ली है और अपनी पूरी ताकत विधानसभा की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए झोंक दी है। एक तरफ बिहार में तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन का हिस्सा बनी कांग्रेस के सामने चुनौतियों का अंबार है। जहां पर तेजस्वी के नेतृत्व पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया जा चुका है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपना पूरा ध्यान मध्य प्रदेश की तरफ कर रखा है।

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा ने जिन 25 लोगों को अपना उम्मीदवार बनाया है वो कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं और इन्हीं विधायकों की वजह से ही प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई। जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर से मुख्यमंत्री बन गए। जबकि तीन सीटें विधायकों की मृत्यु की वजह से खाली है। जानकारों की मानें तो इस उपचुनाव में कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की आवश्यकता होती है। लेकिन 28 सीटें खाली होने की वजह से सदन की शक्ति घटकर 202 हो गई है। ऐसे में भाजपा के पास 107, कांग्रेस के पास 88, बसपा के पास 2, सपा के पास 1 और 4 निर्दलीय विधायक हैं।