अनूठी परंपरा: पुलिस सुरक्षा में गधे पर बैठकर निकले लाट साहब, जुलूस में शामिल हुए विधायक

शाहजहांपुर के खुदागंज कस्बे में रंग पंचमी के अवसर पर रविवार को होली खेली गई। इस दौरान कस्बे में पुलिस सुरक्षा के बीच गधे पर बैठाकर लाट साहब का जुलूस निकाला गया। जुलूस सुबह करीब साढ़े नौ बजे लक्ष्मीनगर मोहल्ले से शुरू होकर थाने पहुंचा। इसके बाद पूरे कस्बे में घूमता हुआ कुचई घाट पर समाप्त हुआ। बता दें कि खुदागंज कस्बे के साथ ही आसपास के गांवों में भी रंगपंचमी पर जमकर रंग-गुलाल उड़ाया जाता है। परंपरा के अनुसार यहां होली वाले दिन रंग नहीं खेला जाता है।

खुदागंज में होलिका दहन के पांचवें दिन रंग पंचमी पर लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है। कई दशक से यह परंपरा चली आ रही है। इसी दिन पूरे कस्बे में खूब रंग खेला जाता है। रंगपंचमी पर निकलने वाला लाट साहब का जुलूस मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। कस्बे के ही एक व्यक्ति को लाट साहब बनाकर गधे पर बैठाया जाता है। उसके पीछे लोग होली खेलते हुए और नाचते हुए चलते हैं।

अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह की जन्मभूमि है खुदागंज 

बता दें कि जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित खुदागंज नगर अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह की जन्मभूमि है। यहां से लगभग आठ किलोमीटर दूर नवादा दरोवस्त ठाकुर रोशन सिंह का पैतृक गांव है। पीलीभीत और बरेली जनपद की सीमा से सटे खुदागंज कस्बे में रंग पंचमी का विशेष महत्व है। इस दिन निकलने वाले जुलूस के लिए मोहल्ला लक्ष्मीनगर के किसी व्यक्ति को लाटसाहब बनाया जाता है। लोग बताते हैं कि यह अनूठी परपंपरा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है।