खबरें देश की (Rashtra Pratham) :- आईआरसीटीसी ने भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ते हुए जो तोहफा यात्रियों को दिया है उसका नाम है रामायण यात्रा एक्सप्रेस। इस ट्रेन देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से करीब 132 यात्री सफर कर रहे हैं। ये यात्री इसके जरिए अयोध्या, सीतामढ़ी, जनकपुर, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, नासिक, हंपी, रामेश्वरमपुरम और कांचीपुरम के दर्शन करेंगे। इस ट्रेन को चलाने का मकसद देश के दूर-दराज इलाकों में स्थित भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों की सैर करवाना और इन्हें आपस में जोड़ना है।रामायण यात्रा एक्सप्रेस की शुरुआत शनिवार 7 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से हुई थी। आईआरसीटीसी ने इसके लिए जो पैकेज अनाउंस किया है वो 12 रात/13 दिनों का है। श्री रामायण यात्रा एक्सप्रेस-मदुरई से 16 नवंबर को चलेगी।
एक बयान में बताया गया है कि श्री रामायण यात्रा एक्सप्रेस-श्री गंगानगर 25 नवंबर को चलेगी। इसके लिए 16 रात/17 दिन का पैकेज अनाउंस किया है।इस ट्रेन की शुरुआत में ये सबसे पहले अयोध्या पहुंचेगी जहां श्रद्धालु श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान मंदिर के अलावा नंदीग्राम में भारत मंदिर के भी दर्शन करेंगे। इसके बाद उनका दूसरा पड़ाव बिहार का सीतामढ़ी होगा जहां वो सीती जी की जन्मभूमि और जनकपुर स्थित राम जानकी मंदिर के दर्शन करेंगे। उनका ये सफर सड़क मार्ग से होगा। नासिक में त्रयंबकेश्वर मंदिर और पंचवटी के दर्शन करेंगे। इसके बाद हंपी में यात्री कृषकिंधा नगरी के दर्शन करेंगे।
रामायण यात्रा एक्सप्रेस की शुरुआत शनिवार 7 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से हुई थी। आईआरसीटीसी ने इसके लिए जो पैकेज अनाउंस किया है वो 12 रात/13 दिनों का है। श्री रामायण यात्रा एक्सप्रेस-मदुरई से 16 नवंबर को चलेगी। एक बयान में बताया गया है कि श्री रामायण यात्रा एक्सप्रेस-श्री गंगानगर 25 नवंबर को चलेगी। इसके लिए 16 रात/17 दिन का पैकेज अनाउंस किया है।
इस ट्रेन की शुरुआत में ये सबसे पहले अयोध्या पहुंचेगी जहां श्रद्धालु श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान मंदिर के अलावा नंदीग्राम में भारत मंदिर के भी दर्शन करेंगे। इसके बाद उनका दूसरा पड़ाव बिहार का सीतामढ़ी होगा जहां वो सीती जी की जन्मभूमि और जनकपुर स्थित राम जानकी मंदिर के दर्शन करेंगे। उनका ये सफर सड़क मार्ग से होगा। नासिक में त्रयंबकेश्वर मंदिर और पंचवटी के दर्शन करेंगे। इसके बाद हंपी में यात्री कृषकिंधा नगरी के दर्शन करेंगे।