उत्तर प्रदेश में धर्मान्तरण बढ़ाने के लिए विदेश से फंडिंग

खबरें देश की (Rashtra Pratham): उत्तर प्रदेश एटीएस ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें दर्शाया गया है कि इनके खातों में विदेशी संस्थाओं से करीब 150 करोड़ की फंडिंग हुई है। उमर गौतम की संस्था को ब्रिटेन के अल फला ट्रस्ट से 57 करोड़ रुपया मिला है। धर्मान्तरण के इस खेल को बढ़ाने के लिए इनको दुबई के साथ खाड़ी के अन्य देशों से फंड मिल रहा था।उत्तर प्रदेश में धर्मान्तरण के बड़े मामले में एटीएस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले मामले तथ लोग सामने आ रहे हैं। एटीएस ने इस मामले में करीब 150 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग के साक्ष्य जुटाए हैं।

यह रकम उमर गौतम, कलीम सिद्दीकी और सलाहुद्दीन के पास भेजी गई थी। बीते पांच वर्ष से उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर और फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट को 30 करोड़ से ज्यादा रुपये विदेशी संस्थाओं से मिले। उसने इसका 60 फीसदी ही मतांतरण पर खर्च किया था।चार्जशीट के मुताबिक पता चला कि उमर गौतम व जहांगीर आलम ने अपने गिरोह के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर एक सिंडिकेट भी बनाया था। इसका उद्देश्य धर्म बदलने वाले लोगों को उनके मूल धर्म के प्रति विद्वेष पैदा करना था। जिससे देश की अखंडता व एकता को बढ़ाने वाले बंधुता पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

उमर गौतम के सिंडिकेट को महाराष्ट्र में संचालित करने के आरोपी भूप्रिय बिंदो, कौसर आलम, फराज शाह व प्रसाद कावरे की मुख्य भूमिका है। चार्जशीट में कहा गया कि आरोपियों को धर्मांतरण के लिए विदेशों से मौलाना कलीम सिद्दीकी के जामिया इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट और हवाला के जरिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की गई है। आरोपी पूछताछ में इस धन के बारे में कोई ब्योरा नहीं दे सके हैं।