राधा स्वामी सत्संग केंद्र परौर में उमड़े हजारों श्रद्धालु, हुजूर जसदीप गिल से संगत ने किए सवाल

कांगड़ा के परौर स्थित राधास्वामी सत्संग केंद्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां हुजूर जसदीप गिल ने मन नियंत्रण, नाम सुमिरन और सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला।

 राधास्वामी सत्संग केंद्र परौर में शनिवार को गुरु की झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सत्संग के दौरान सत्संगकर्ता ने कबीर की वाणी का उल्लेख करते हुए मन को नियंत्रित करने, नाम सुमिरन और सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्संग के बाद कुछ जिज्ञासुओं ने हुजूर जसदीप गिल से आध्यात्मिकता से जुड़े सवाल किए। इसके बाद उन्होंने खुली कार में बैठकर संगत के बीच पहुंचकर दर्शन दिए।

सत्संग में संतों ने मानव जीवन में मन की भूमिका और उसे सही दिशा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन ही व्यक्ति को संसार के मोह-माया में उलझाता है और यही मन उसे प्रभु की भक्ति की ओर भी ले जा सकता है। इसलिए आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले मन को साधना जरूरी है।उन्होंने कहा कि मन स्वभाव से चंचल है। वह कभी बीते समय की बातों में उलझा रहता है तो कभी भविष्य की चिंताओं में भटकता रहता है। मनुष्य बाहरी परिस्थितियों को बदलने में लगा रहता है, जबकि वास्तविक शांति उसके भीतर ही मौजूद है। जब तक मन पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक भौतिक सुख-सुविधाएं भी स्थायी संतोष नहीं दे सकतीं।

उन्होंने कहा कि संसार में रहते हुए मनुष्य को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ प्रभु को भी याद रखना चाहिए। केवल बाहरी दिखावा या धार्मिक क्रियाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि मन में प्रेम, विश्वास और समर्पण का भाव होना आवश्यक है। मन को इधर-उधर भटकने से रोककर प्रभु के चरणों में लगाना ही वास्तविक साधना है।