यूपी के छह लोगों की फरीदाबाद में मौत

विजय चांदा की मौत ने उनके बड़े भाई गजराज सिंह को भीतर तक तोड़ दिया है। भाई के जाने का गम इतना गहरा है कि खुद को संभाल नहीं पा रहे। रोते-रोते हाथों से सिर पीटने लगते हैं और कहते हैं, ‘मेरा प्यारा भाई मुझे छोड़कर चला गया। मैं उसे सीने से लगाकर रखता था।’

गजराज सिंह बताते हैं कि दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था। जब भी समय मिलता, खेत पर लगी समर के पास दोनों भाई बैठते थे। वहीं खेती-किसानी की बातें होतीं और एक-दूसरे से अपने सुख-दुख बांटते थे। अब वही जगह और भाई के साथ बिताए पल उनकी आंखों के सामने हैं।

‘जब भी समय मिलता था, हम दोनों समर के पास बैठकर अपना सुख-दुख बांटते थे। मेरा भाई मुझे छोड़कर चला गया।’ इतना कहते-कहते गजराज फिर फफक पड़े। पास खड़े विजय के नाती यश को उन्होंने अपने सीने से लगा लिया। शायद भाई की कमी और यश के सिर से उठे बाबा के साये का दर्द उस पल एक साथ उमड़ आया था।

विजय के इकलौते नाती यश के लिए उसके बाबा सिर्फ दादा नहीं, सबसे खास थे। विजय भी उसे बेहद प्यार करते थे। यात्रा पर रवाना होने से पहले बाबा ने यश से कहा था, ‘तेरे लिए कड़ा लेकर आऊंगा।’

यश को भरोसा था कि बाबा लौटकर आएंगे और उसके लिए उपहार लाएंगे। वह उसी इंतजार में था। लेकिन बाबा का इंतजार खत्म होने से पहले ही मौत की खबर घर पहुंच गई। जिस हाथ में यश को बाबा का दिया कड़ा आना था, वह हाथ अब कभी नहीं आएगा। यश की आंखों में बाबा के लौटने का इंतजार और परिवार की आंखों में उन्हें खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा है। एक मासूम के लिए उसका सबसे प्यारा रिश्ता अचानक हमेशा के लिए उससे दूर हो गया।
फरीदाबाद में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को जिला नागरिक अस्पताल पलवल में भर्ती कराया गया है।