कनपुरिया होली: रंग की उमंग… 150 करोड़ से कारोबार में आएगी रंगत

सात मार्च को मनाई जाने वाली होली पर 150 करोड़ से ज्यादा के कारोबार का होगा। गुझिया, रंग-गुलाल, पिचकारी समेत अन्य चीजों की बंपर मांग बाजार में है। चिप्स-पापड़, अलग-अलग प्रकार की नमकीन के अलावा होली के रंग में रंगी टीशर्टों की जमकर बिक्री हो रही है। कारोबारियों ने सौ करोड़ से ज्यादा की गुझिया, मिठाई की बिक्री का अनुमान लगाया है। सात सौ टन से ज्यादा गुलाल-रंग बिक चुका है।

20 करोड़ के मेवा की भी बिक्री हो चुकी है। बाजार में शुगर फ्री नमकीन भी आई है। शहर के हटिया-पुराना जनरलगंज से गुलाल और रंग की सप्लाई की गई है। रंग रसायन उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक सचिव शरद जानी ने बताया कि बाजार में 98 फीसदी गुलाल की मांग है। दो फीसदी ही रंग की बिक्री है। हर ग्राहक गुलाल की ही मांग कर रहा है।
इस बार आकर्षक पैकिंग में गुलाल आए हैं। सात सौ टन से ज्यादा का गुलाल और रंग की बिक्री का अनुमान है। पांच करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में वृद्घि देखी जा रही है। पिचकारी व्यापारी रफीक ने बताया कि बहुत अच्छी बिक्री हो रही है। दिल्ली में बनी पिचकारियों की मांग है। सिलिंडर, प्रेशरगन, पिट्ठू, पाइप पिचकारी सबसे ज्यादा मांग में हैं। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार के मुखौटों, बालों की मांग है। 15 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कुछ दिनों में हो चुका है।

ऑनलाइन बिक रहा गोबर का उपला

होलिका दहन में उपयोग में आने वाला गोबर का बना उपला ऑनलाइन बिक रहा है। किसी साइट पर यह पांच रुपये प्रति पीस तो किसी साइट पर 51 गोबर के उपले चार सौ रुपये में बिक रहे हैं। बाजार में इनकी कीमत एक रुपये प्रति पीस है।

ज्वार, बाजरा, रागी के चिप्स और स्नैक्स 
नयागंज डाट कॉम, एल्पाइन, गोल्डन बॉस्केट, ग्रूफर्स आदि के आउटलेट्स में ज्वार, बाजरा, रागी के अलग-अलग प्रकार के फ्लेवर वाले चिप्स और स्नैक्स की भी बिक्री हो रही है। मोटे अनाज के चिप्स पहली बार बाजार में आए हैं। खास बात यह है कि यह सभी उत्पाद शहर में ही बन रहे हैं।

पर्व को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है। होली के लिए बाजार में अलग-अलग प्रकार की गुझिया, मिठाइयां लाई गई हैं। मेवा गुझिया की सबसे ज्यादा मांग है। होली पर सौ करोड़ से ज्यादा की गुझियां और मिठाइयों की बिक्री का अनुमान है। – राजकुमार भगतानी, महामंत्री, कानपुर, होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन

होली पर प्रतिदिन पांच से छह करोड़ की मेवा का कारोबार हो रहा है। गरी गोला, किशमिश, चिरौंजी, मखाना, काजू की बहुत अच्छी मांग है। 20 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कुछ दिनों के भीतर में होने का अनुमान है। – अलंकार ओमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन

बाजार में अलग-अलग प्रकार की नमकीन, समोसा, खस्ता लाया गया है। पहली बार शुगर फ्री नमकीन तैयार की गई है जो अलग-अलग प्रकार के चनों से तैयार की गई है। सेम बीज की बनी नमकीन की मांग बहुत अच्छी है। – निर्मल त्रिपाठी, अध्यक्ष, उप्र नमकीन निर्माता संघ

मोटे अनाज जैसे ज्वार बाजरा, मक्का, रागी के बने चिप्स और स्नैक्स और कुकीज को बाजार में लाया गया है। कई अलग-अलग फ्लेवर में उत्पादों को उतारा गया है। इनकी बहुत अच्छी मांग भी बाजार में दिख रही है। – संगीता सिंह, चिप्स, स्नैक्स कारोबारी

कैप्सूल पानी में डालो और रंग भरी बाल्टी तैयार
बाजार में अलग-अलग प्रकार के कैप्सूल रंग आए हैं, पानी में डालने पर ये घुल जाते हैं। एक कैप्सूल से पांच लीटर की बाल्टी भर रंग तैयार हो जाता है। एक कैप्सूल रंग की डिब्बी की कीमत 50 रुपये है, इसमें 40 कैप्सूल होते हैं।