‘मैं, अपने गांव दंडजोड़ से करीब 8 बजकर 40 मिनट पर ऑटो में सवार हुआ था। ऑटो ब्यावरा से राजगढ़ की ओर जा रहा था। ऑटो में पहले से 5 सवारी बैठी हुई थी। अभी ऑटो हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर दूर ही पहुंचा था कि अचानक से ऑटो के सामने एक कुत्ता आ गया। ऑटो चला रहे बबलू ने कुत्ते को बचाने के लिए ऑटो को मोड़ दिया। बारिश के कारण सड़क गीली थी। ऑटो एक ओर पूरी तरह से झुक गया और राॅन्ग साइड पर पहुंच गया। इसी दौरान राजगढ़ से ब्यावरा की ओर सामने से आ रही तूफान जीप ने ऑटो को चपेट में ले लिया।जीप की स्पीड ज्यादा होने से टक्कर लगते ही मेरे सहित चार लोग हवा में उछल गए। मैं करीब 10 फीट दूर जाकर गिरा। हाथ में चोट लगी थी। उठकर देखा तो कांपने वाला नजारा था। बचे हुए 3 लोग खून से लथपथ थे और ऑटो में ही बुरी तरह से फंसे हुए थे। हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे लोग पुलिस को कॉल कर रहे थे। कुछ देर बाद पुलिस आ गई। एंबुलेंस भी आकर खड़ी हो गई। ऑटो से शवों को निकलने के लिए सभी मशक्कत कर रहे थे। बाद में क्रेन बुलाई गई। ऑटो के पिछले हिस्से को तोड़कर तीनों को बाहर निकाला गया और सभी को अस्पताल भिजवाया। यहां बबलू की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल भेज दिया गया।