पीएम नरेन्द्र मोदी ने आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों की परखी तैयारियां

देश की आंतरिक सुरक्षा की चुनौती अब केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि फोर्थ जेनरेशन वारफेयर का अहम हिस्सा बन चुकी है। सीमा पर आमने-सामने आने के बजाए दुश्मन, देश के भीतर अस्थिरता पैदा करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा की ऐसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए गहन विचार-विमर्श किया। कहा गया कि राज्यों में आपसी टकराव व भेदभाव के छोटे-छोटे मुद्दों को सामान्य रूप से कानून-व्यवस्था के तौर पर न देखें, बल्कि उसे बड़ा षड्यंत्र के रूप में देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। पीएम की लगभग 12 घंटे की मौजूदगी में चले मंथन की मंशा यही है कि आतंकी मंसूबों को भारत अब और मजबूती से कुचलने के लिए तैयार होगा।