डेंगू के डंक से चार दिन में जबलपुर में दूसरी मौत हो गई। घमापुर में एक युवक की मौत हो गई। उसका प्लेटलेट्स घटकर 18 हजार पर पहुंच गया था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। हालांकि एलायजा टेस्ट की आड़ में सरकारी विभाग के रिकॉर्ड में एक भी मौत नहीं हुई है। डेंगू की चपेट में पाटन विधायक अजय विश्नोई भी आ गए हैं। निजी अस्पताल में इलाज के बाद अब वे स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। सरकारी आंकड़ों में शहर में डेंगू के केस 433 पहुंच गए हैं। इसमें 18 केस पिछले 24 घंटे में सामने आए हैं।घमापुर निवासी नरेंद्र सिंह पटेल (39) कुछ दिनों से बीमार थे। जिनका उपचार घंटाघर के समीप स्थित डॉ. रजा के अस्पताल के चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा था। इस दौरान नरेंद्र की हालत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल ले गए। वहां उन्हें वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।डेंगू के उपचार के दौरान नरेंद्र के रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या घटकर करीब 18 हजार रह गई थी। जिसके बाद उसकी हालत और खराब हो गई। घंटाघर के समीप स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने प्लेटलेट्स चढ़ाने की सलाह दी थी। बुखार से पीडि़त नरेंद्र कई दिन तक घर पर रहकर चिकित्सक की सलाह पर दवाओं का सेवन करते रहे। पर तेजी से प्लेटलेट्स काउंट घटने और बोमटिंग से हालत खराब हो गई। आखिरकार बुधवार की रात नरेंद्र की मौत हो गई।शहर में डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। चार दिन के अंदर ये दूसरी मौत सामने आई। इससे पूर्व 12 सितंबर को पुलिस आरक्षक ऊषा तिवारी की आशीष हास्पिटल में उपचार के दौरान डेंगू से मौत हो गई थी। बुधवार को शहर के मेट्रो हास्पिटल में डेंगू से पीडि़त तीन और पुलिस जवानों को भर्ती कराया गया। अब तक 90 से अधिक पुलिस वाले डेंगू की चपेट में आ गए। बुधवार 15 सितंबर की रात नौ बजे आई आखिरी रिपोर्ट में डेंगू के कुल 18 मरीज सामने आए। कुल आंकड़ा 433 पहुंच गया है।