अमेरिकी ‘टामहाक’ से चीन की दादागीरी पर लगेगा अंकुश, जानें क्‍या है परमाणु पनडुब्‍बी

चीन ने हाल के वर्षों में अपनी सैन्य ताकत में काफी इजाफा किया है। दक्षिण चीन सागर से लेकर भारत की सीमा पर उसकी हरकतों से उसके हर पड़ोसी परेशान है। चीन की नौसेना का विस्तार हो रहा है। अमेरिकी अधिकारियों की मानें तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे तेजी से चीन की सैन्‍य क्षमता में इजाफा हुआ है। चीन ने इसके विकास में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके मद्देनजर अमेरिका ने आस्‍ट्रेलिया की सैन्‍य क्षमता को मजबूत करने का निर्णय लिया है। क्षेत्रीय संतुलन को स्‍थापित करने के लिए अमेरिका की अगुआई में कई तरह के गठबंधन बनाए जा रहे हैं। इसका मकसद चीन के प्रभुत्‍व को सीम‍ित करना है। इसी क्रम में अमेरिका अब अपनी माडर्न सैन्‍य तकनीक और हथ‍ियार आस्‍ट्रेलिया को देने पर राजी हुआ है। अमेरिका आस्‍ट्रेलिया को बेहद घातक परमाणु पनडुब्‍बी और अमेरिकी ब्रह्मास्‍त्र कहे जाने वाली टामहाक क्रूज मिसाइलें देने को तैयार हो गया है। खास बात यह है कि ब्रिटेन के बाद आस्‍ट्रेलिया दुनिया का ऐसा देश है, जिसे ये महाविनाशकारी हथियार मिलेंगे। आखिर क्‍या है टामहाक की खूबियां। आखिर इस मिसाइल से अमेरिका को कैसे मिला महाशक्ति का दर्जा। इस मिसाइल से चीन की दादागीरी पर क्‍या पड़ेगा प्रभाव।