पहले आनलाइन पढ़ाई और अब प्रदूषण दे रहा आंखों को दिक्कत

लाइफ स्टाइल (Rashtra Pratham) :- केस एक-ग्वालियर रोड पर रहने वाली आठ साल की जोतप्रीत के सिर और आंखों में दर्द रहने लगा, डाक्टर को दिखाया तो पता चला कि आंखों का पानी कम हो गया है, इससे दिक्कत आ रही है।केस दो- दयालबाग में रहने वाले शिवम शाम के समय अपने दोस्तों के साथ साइकिल चलाने निकल जाते हैं।पिछले कुछ दिनों से आंखों में किरकरी महसूस हो रही, चिकित्सक को दिखाया तो पता चला कि आंखों में घाव हो गए हैं।यह दो केस उदाहरण मात्र हैं। बच्चों की आंखों पर आनलाइन पढ़ाई के साथ अब प्रदूषण का भी असर हो रहा है।

आंखों का पानी सूख रहा है, जिससे खुजली की दिक्कत हो रही है।चश्मे की दुकानों और चिकित्सकों के पास हर रोज चश्मा बनवाने या आंखों की जांच के लिए पहुंचने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है।लगातार मोबाइल या लैपटॉप पर पढ़ाई करने से बच्चों की आंखों में समस्या आ रही है।सिकंदरा की रहने वाली प्रीति सिंह का कहना है कि चार से पांच घंटे तक ऑनलाइन क्लास और फिर होमवर्क करने के कारण उनका बेटा लगातार मोबाइल देखता है। इससे उसकी आंखों में बहुत दर्द रहने लगा है।पढ़ाई बंद भी नहीं करवा सकते और लगातार मोबाइल पर पढ़ने से बुरा प्रभाव भी पड़ रहा है।