H1N1 संक्रमण: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

H1N1 (इन्फ्लुएंजा-ए) और सीजनल इन्फ्लुएंजा के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने बताया कि इन्फ्लुएंजा संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बातचीत के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों से फैलता है। इसे देखते हुए संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है।

इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा न लें। हल्के लक्षण होने पर घर पर रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें ताकि संक्रमण न फैले।

गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और फेफड़े, हृदय, लीवर या गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मधुमेह, कैंसर, HIV/AIDS, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले तथा लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे व्यक्तियों को लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

यदि बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्त मिला बलगम, रक्तचाप कम होना, होंठ या नाखून नीले पड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं। पुरानी बीमारी बढ़ने पर भी तत्काल चिकित्सा सहायता लें। ऐसे मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय, हाथरस ले जाने की सलाह दी गई है। बच्चों में तेज बुखार, खाना न खाना, झटके आना या सांस लेने में परेशानी होने पर भी तत्काल उपचार आवश्यक है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक अलग ओपीडी स्थापित की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराएं। साथ ही, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें, नियमित रूप से हाथ धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और फ्लू के लक्षण होने पर मास्क का प्रयोग करें।