असम में जेल के कैदियों के बीच एचआईवी-पॉजिटिव मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार जेल के कैदियों में सामने आए एचआईवी मामले की जांच करेगी और उन हालात का पता लगाएगी जिनमें उस व्यक्ति को संक्रमण हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की विस्तार से जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल में रहते हुए वह व्यक्ति कैसे संक्रमित हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस मामले की विस्तार से जांच करेंगे ताकि यह पता चल सके कि जेल में रहते हुए वह व्यक्ति कैसे और किन हालात में संक्रमित हुआ। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित व्यक्ति को जरूरी मेडिकल देखभाल और इलाज मिले।”
श्रीभूमि जिला जेल में एचआईवी के मामले मिलने से पूरे जिले में चिंता फैल गई है। जेल अधिकारियों के अनुसार, अभी जेल में 445 कैदी हैं। इनमें से 11 कैदी एचआईवी-पॉजिटिव पाए गए हैं। जेल अधिकारियों ने बताया कि पॉजिटिव पाए गए ज्यादातर कैदी एनडीपीएस मामलों से जुड़े हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य भर की 31 जेलों में कैदियों की एचआईवी स्क्रीनिंग की गई। एचआईवी-पॉजिटिव 202 कैदियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) दी जा रही है, जबकि कुल पॉजिटिव कैदियों की संख्या 226 है।
सुरक्षा कारणों से कुछ कैदियों को एआरटी सेंटरों तक ले जाना मुश्किल हो गया है, इसलिए टीमें इलाज और उससे जुड़ी सेवाएं देने के लिए जेलों का दौरा कर रही हैं। इससे पहले असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने कहा था कि असम में लगभग 33,000 सक्रिय HIV/AIDS मरीज हैं।