क्‍या शी चिनफ‍िंग के हाथों में रहेगी ‘ड्रैगन’ की डोर

Editor’s Pick (Rashtra Pratham) :- चीन में सत्‍ताधारी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की कांग्रेस की बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। आखिर इस बैठक में ऐसा क्‍या खास होने वाला है। दरअसल, इस बैठक में चीन का अगला राष्‍ट्रपति कौन होगा यह सुनिश्चित होगा। ऐसे में यह जिज्ञासा पैदा होती है कि आखिर चीन के राष्‍ट्रपति का क्‍या चुनाव होता है। कैसे बनता है चीन का राष्‍ट्रपति ? क्‍यों वह इतना ताकतवर होता है ? क्‍या चिनफ‍िंग तीसरी बार देश के राष्‍ट्रपति बन सकते हैं ? आइए जानते हैं चीन के राष्‍ट्रपति चुनाव की क्‍या प्रक्रिया है ? चिनफ‍िंग पहली बार राष्‍ट्रपति कब बने ? वह देश में इतने लोकप्रिय क्‍यों हुए ? आखिर इस सारे मामलों में क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ प्रो. हर्ष वी पंत (आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली में निदेशक, अध्ययन और सामरिक अध्ययन कार्यक्रम के प्रमुख)।

दरअसल, चीन की सत्‍ताधारी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की कांग्रेस की पांच साल में होने वाली बैठक बेहद खास होती है। कांग्रेस की इस बैठक में तय किया जाता है कि कम्‍युनिस्‍ट पार्टी का नेतृत्‍व कौन करेगा। किसके हाथ में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की कमान होगी। इस बैठक में यह तय होगा कि चीन में एक अरब 30 करोड़ लोगों पर किसका शासन होगा। वही शख्‍स दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था का संचालन करता है।            कैसे होता है राष्‍ट्रपति का चुनाव ?1- चीन में भले ही कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की सत्‍ता हो, लेकिन बाकायदा वहां भी राष्‍ट्रपति यानी पार्टी महासचिव के लिए चुनाव होता है। दरअसल, कम्‍युनिस्‍ट पार्टी आफ चाइना सीपीसी देश भर से प्रतिनिधियों को नियुक्‍त करती है। इसके बाद बीजिंग के ग्रेट हाल में बैठक होती है। पार्टी में करीब 2,300 प्रतिनिधि हैं। सीपीसी एक सेंट्रल कमेटी का चुनाव करती है।

सेंट्रल कमेटी में 200 सदस्‍य होते हैं। यही कमेटी पोलित ब्‍यूरो का चयन करती है। पोलित ब्‍यूरो स्‍थाई समिति का चयन करती है। यह दोनों क‍मेटियां ही चीन में नीतिगत निर्णय लेने वाली असली निकाय है। चीन के पोलित ब्‍यूरो में अभी 24 सदस्‍य हैं, जबकि स्‍टैंडिंग समिति में सात सदस्‍य हैं। हालांकि, सदस्‍यों की संख्‍या में बदलाव होता रहता है।2- चीन में राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए एक मतदान की प्रक्रिया को अपनाया गया है, लेकिन व्‍यवहार में वर्तमान में यह नाम पहले से ही तय होता है। सेंट्रल कमेटी पार्टी के शीर्ष नेता का भी चुनाव करती है। इसे कम्‍युनिस्‍ट पार्टी का महासचिव कहा जाता है। यह सीपीसी का महासचिव होता है। वही देश का राष्‍ट्रपति बनता है। कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की कांग्रेस में चीन के भविष्‍य के नए नेताओं को आगे किया जाता है। पार्टी के महासचिव यानी राष्‍ट्रपति के पास पांच वर्षों तक यह कमान रहती है। शी चिनफ‍िंग का इस बार भी पार्टी का महासचिव यानी राष्‍ट्रपति चुना जाना तय माना जा रहा है। वह अगले पांच वर्षों तक चीन के राष्‍ट्रपति रह सकते हैं।