दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का उद्घाटन किया। यह कार्यशाला ठोस कचरा प्रबंधन के विषय पर थी। इसका आयोजन दिल्ली नगर निगम ने आईआईटी दिल्ली के सहयोग से इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया।
ये एमसीडी के द्वारा किसी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर पहला संस्थागत सहयोग है। उपराज्यपाल ने एमसीडी और आईआईटी दिल्ली को विशेषज्ञों, जन प्रतिनिधियों तथा हितधारकों को एक साथ लाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान साझा करने से बढ़ता है और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से दिल्ली को प्रेरणा लेनी चाहिए।
उपराज्यपाल ने इंदौर को अनुशासित नगरपालिका प्रयासों का एक उत्कृष्ट घरेलू उदाहरण बताया। उन्होंने इसके सफल मॉडल का दिल्ली में अध्ययन और अनुकूलित प्रतिकृति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नगरपालिका अपशिष्ट का वैज्ञानिक और टिकाऊ प्रबंधन केवल स्वच्छता का विषय नहीं है। यह जन स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और दिल्ली के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से भी जुड़ा है। दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 13,000 मीट्रिक टन कचरा होता है। इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए आधुनिक, टिकाऊ और व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता है।